एक ऐसी खबर पर चर्चा करने के लिए जिसकी डिमांड आप में से बहुत सारे साथियों ने मैसेज की थी और कहा था की आपने टाटा की खबर को तो बहुत बढ़ा चड्ढा करके लिया था लेकिन आपने Indigo की खबर को अभी तक कवर नहीं किया है तो लिजिए मैं इंडिगो की खबर भी आपके साथ में कवर कर रहा हूं
कहते हुए की अब समय इंडिया का है क्योंकि इंडिया ग्लोबल एविएशन सेक्टर को लीड करने जा रहा है तो India to Rule Global Skies क्योंकि अंतरराष्ट्रीय Level पर भारतीय कंपनियों ने जो इन दिनों सुर्खियां बटोरी हैं वो काबिले तारीफ है
साथियों हाल ही में खबर है की अब इंडिगो एयरलाइंस भारत की तरफ से 500 एयरक्राफ्ट्स का ऑर्डर प्लेस करेगी हालांकि इस बात को लेकर क्लेरिटी इसलिए नहीं निकल कर आ रही है की ये ऑर्डर ऑलरेडी Place किए जा चुके हैं उनकी डिलीवरी होनी है या फिर ऑर्डर की ऑफिशल अनाउंसमेंट के साथ-साथ कोई और प्रक्रिया भी पुरी होगी क्योंकि टाटा की खबरें आप सब लोग इसलिए अच्छे से सुनते आये थे क्योंकि एयर इंडिया को पहले भारत सरकार own कर रही थी और फिर Disinvestment की प्रक्रिया के माध्यम से उसे टाटा तक पहुंचा गया था

टाटा ने फिर अपनी तरफ से 470 एयरलाइंस का ऑर्डर प्लेस करके दुनिया की सबसे बड़ी सिविल एविएशन के अंदर डील की थी अब उसके बाद चर्चा इंडिगो की है कहा जा रहा है की आने वाले समय में इंडिगो एयरलाइंस जो की भारतीय एयरलाइन है प्राइवेट एयरलाइन है
वो आने वाले समय में 500 एयरक्राफ्ट को अपने Bede में शामिल करेगी यानी 470 से भी ज्यादा तो एयर एविएशन के अंदर सबसे बड़ी डील किसे कंसीडर किया जाए अब ये बहस छिड़ गई है
सबसे बड़ा कौन टाटा या फिर इंडिगो एयरलाइंस अच्छा एक इंटरेस्टिंग फैक्ट यहां पर यह जानना जरूरी है की ऑलरेडी इंडिया का 55% से ज्यादा जो मार्केट है एविएशन के अंदर वो इंडिगो एयरलाइंस के पास ही है अब ऐसी स्थिति में टाटा की जो एंट्री है उससे कहीं इंडिगो का मार्केट ना हिल जाए इंडिगो का शेयर मार्केट भी ना हिल जाए क्योंकि ऑलरेडी इंडिगो एयरलाइंस 2015 में शेयर मार्केट में भी एंट्री कर चुकी है जब शेयर मार्केट में ये खबर आए की टाटा ने अपने द्वारा सबसे बड़ी डील प्लेस कर दी है तो इन्वेस्टर्स के दिमाग में ये दर बैठ सकता है की शायद अब इंडिगो का मार्केट कम हो जाएगा वास्तविकता में कम किसी का नहीं होना है इंडिया का मार्केट ग्रो करना है आज इंडिया में 100 मिलियन से कम लोगों के पास पासपोर्ट है भारत की आबादी की 7.3% आबादी ही अपने पास पासपोर्ट रखती है यानी अभी इंडिया में इतना स्कोप है यानी भारत से बाहर जाने वालों का जिसकी वजह से काफी ज्यादा बिजनेस क्रिएट किया जा सकता है इंडिया 2030 तक सिविल एविएशन में बहुत सारी माइलस्टोन अचीव करेगा लेकिन इससे इन्वेस्टर्स के दिमाग में ये डरना बैठ जाए की इंडिगो जिस तरह से ग्रो कर रहा है लेकिन टाटा के आने के बाद कहीं वो पीछे जाएगा इसलिए इंडिगो के जो Oweners हैं या इंडिगो के जो मतलब केयर टेकार्स हैं उन्होंने ये न्यूज़ बाहर निकली और कहा की हम लोग भी 2030 तक 500 फ्लाइट्स अपने Bede में शामिल कर लेंगे
ये खबर भारतीय मार्केट के लिए बहुत सकारात्मक है कैसे.,
बोले सर सकारात्मक कैसे हो सकती है आप Air bus को ऑर्डर दें आप Boeing को ऑर्डर दें इससे तो रोजगार अमेरिका और ब्रिटेन या फिर फ्रांस में क्रिएट होगा हमारे यहां क्या होगा
भाई इंडिया में भी रोजगार क्रिएट होंगे क्योंकि उन्हें चलाने के लिए पायलेट्स की आवश्यकता हो की आवश्यकता हो या फिर ग्राउंड फ्लोर पर जो स्टाफ है उसमें नियुक्तियां की आवश्यकता हो वो तो सब इंडियन ही पुरी करेंगे चाहे फिर वो मैकेनिकल स्टाफ हो चाहे ग्राउंड स्टाफ हो, बढ़ते हुए एयरपोर्ट्स पर लगने वाले कर्मचारी की संख्या हो निश्चित ही मार्केट ग्रो करेगा तो इसे भारत को भी फायदा होगा और वर्ल्ड को भी फायदा होगा ठीक है तो लिए
तो चलिए इसी खबर पर आज चर्चा करेंगे कारण – क्योंकि अब से कुछ दिनों पहले मैंने कुछ दिन पहले एक पोस्ट किया था कि टाटा के स्वागत में उतरी तीन Mahashaktiyan और हमने इस खबर में आपको बताया था की टाटा ने हाल ही में 250 एयर बस के एयरक्राफ्ट और 220 बोइंग प्लेन जो है वो ऑर्डर की हैं ठीक है
अब India set to take its place in global aviation market ये खबर निकलकर आती है सुर्खियां इस प्रकार से हैं ” Indigo plans to take on competition with 500 planes already in pipelines ” इसका मतलब सीधा सा है यानी अगर आप इस खबर को ध्यान से सुने क्योंकि मैंने ना इस खबर का ओरिजिन पॉइंट ढूंढने की कोशिश करी की यार इसका अनाउंसमेंट कब हो गया इसकी जानकारी मार्केट में कबआ गई , 500 एयरक्राफ्ट जैसी बात इतनी ज्यादा हाईलाइट क्यों नहीं हुई जैसे टाटा की हुई और फिर अचानक अब जाकर बाहर क्यों आई

क्योंकि ऑफीशियली तो कोई भी मीडिया के सामने आके ब्रीफिंग किसी ने नहीं दी इसके पीछे जो मेरी समझ निकल कर आई वो ये है
इंडिगो की प्लानिंग में 500 एयरलाइंस खरीदने का होगा उन्होंने पहले भी शायद बात डील करके राखी हूं लेकिन इसके दो वजह थी एक इन्होंने पार्टनरशिप की थी तुर्किश एयरलाइंस के साथ तुर्किश यानी तुर्की की,
जैसे एयर इंडिया की एयरलाइन है ऐसे ही तुर्की की एयरलाइन तुर्किश एयरलाइन
भारतीयों में कुछ हद तक टर्की के प्रति एक नफरत का स्वभाव रहता है इसके पीछे का भी बहुत बड़ा कारण है क्योंकि तुर्की के जो ardgan हैं उन्हें देखने के बाद में भारत के प्रति स्नेह जागे इसकी संभावना थोड़ी कम ही रहती है एक बड़ी वजह जो मुझे लगती है हालांकि मैं इतना बड़ा शिक्षाविद नहीं हूं की ये बातें समझता रहूं लेकिन सवाल बड़ा उठाता है की इन्होंने ऑलरेडी कहा है
Already in Pipelines भाई जब आप 500 प्लेन खरीदने का ऑर्डर ऑलरेडी कर चुके हो तो इसकी सूचना क्यों नहीं दिए तो इसके पीछे का बहुत बड़ा कारण यह हो सकता है की तुर्किश एयरलाइंस जो है ये इनके साथ इस डील में पार्टनर है तुर्किश एयरलाइन के पार्टनर होने के कारण क्या पता भारत में सेंटीमेंट्स कैसे होते शायद इस वजह से इन्होंने डील डिस्क्लोज ना की हो दूसरा बड़ा कारण ये हो सकता है
फिर आपके दिमाग में सवाल बनेगा आज क्यों कर रहे हो फिर, जब आपको लगता है की तब नहीं की , क्योंकि ऑलरेडी आ चुका है ना, ऑलरेडी इन पाइपलाइन तो फिर पहले क्यों नहीं बताया और अब क्यों बता रहे हो इसके पीछे की दो बड़ी वजह है पहला भारत में हाल ही में तुर्की को लेकर थोड़ा माहौल बदला है ,
क्यों बदला है क्योंकि भारत इस समय अपर हैंड पर Feel कर रहा है
कैसे तुर्की को सहायता भेज करके, भारत मानवता के क्रम में तुर्की के प्रति सहानुभूति सिंपाथेटिक तरीके से पेश हो रहा है ऐसी स्थिति में इंडियन में एक भाव पैदा हुआ है की हम सबकी केयर करना जानते हैं यानी तुर्की के प्रति अभी कोई नेगेटिव प्रकार का ट्रेंड मार्केट में नहीं चल रहा है नंबर एक
मैं मतलब ये एनालिसिस दे रहा हूं बाकी जो सच हो मुझे नहीं पता है भाई है
दूसरा कारण जो है मतलब तुर्की के साथ दूसरा कारण क्या है टाटा चुकी की 470 एयरलाइंस का अनाउंसमेंट करके, की मैं 470 फ्लाइट Purchase करूंगा इसका अनाउंसमेंट करके Worldकी सुर्खी बन चुका है Emmanuel Macron हो ऋषि सुनक हो सब तारीफ में लगे हुए हैं तो टाटा ने तो बिना पैसे खर्च की ही ब्रांडिंग करवा ली आपने ऑर्डर तो दिए लेकिन ब्रांडिंग मुफ्त में मिल गई आपको ऐसी स्थिति में इन्हें लगा की यार ब्रांडिंग जब उससे मिल जाएगी तो निश्चित है मार्केट में एयर इंडिया की एंट्री भी धमाकेदार होगी वास्तविकता में जितने भी पुराने फ्लायर्स हैं यानी जो लोग ऑलरेडी फ्लाई करते रहे हैं उड़ते रहे हैं फ्लाइट्स में
उनके साथ में एक बड़ा परसेप्शन है एयर इंडिया को लेकर के क्या
एयर इंडिया एक तो महंगी फ्लाइट्स होती हैं एक तो दिमाग में ये है
दूसरा एयर इंडिया को लेकर के परसेप्शन रहा है लोगों के मन में की यार एयर इंडिया जो है ना वो हमेशा टाइम से लेट चलती है अब चूंकि मार्केटिंग जरूरी है आपने अगर फ्लाइट्स ले भी ली और उन्हें अगर आप समय पर चला नहीं पाए तो संभव है की इंडिगो वाले इसी बात से फायदा उठा जाए मार्केट में तो एयर इंडिया ने जो अपनी दोबारा धमाकेदार एंट्री की है वो उसकी इमेज मेकओवर तो कर जाएगी लेकिन इंडिगो को लॉस दे जाएगी क्योंकि इंडिगो अपने प्रचार में यही कहता है क्योंकि जितनी बार भी मैंने फ्लाइट्स उसे की है इंडिगो की जो सबसे बड़ी खासियत मानी जाती है , वो ये है की इसकी फ्लाइट्स Maxmium Time राइट टाइम पर चलती है
इंडियन एयरलाइंस में या भारत भारतीय बाजार में बहुत बड़ा नुकसान ये था की फ्लाइट्स राइट टाइम पर ऑपरेट नहीं होती थी फ्रीक्वेंसी बहुत अच्छी नहीं होती थी इंडिगो ने वो चीज भर दी है ऐसी स्थिति में आने वाले समय में एयर इंडिया की सुधार की इमेज इंडिगो के मार्केट को नुकसान पहुंचा सकती है ऐसी स्थिति में कॉम्पिटेटिव मार्केट में इंडिगो ने टाटा के बढ़ते हुए प्रचार प्रसार को देखकर संभव है की इस न्यूज़ को अभी डिस्क्लोज किया हो ठीक है भाई हम भी हैं और हम इससे भी बड़ा करने की क्षमता रखते हैं तीसरी बड़ी बात जो मुझे लगती है और वो है 2015 के अंदर इंडिगो एयरलाइंस शेयर मार्केट में उतरा था यानी की अपना IPO लाया था जब IPO लाया था तो IPO में इस बात का बहुत बड़ा फर्क पड़ता है की दुनिया आपके बारे में क्या सोचती है हाल ही के दिनों में आपने अदानी के साथ देखा अदानी के शेयर गिरे केवल इस बात से द की हिडेनबर्ग क्या सोचता है हिडेनबर्ग ने किसी को गिरफ्तार या रंगे हाथों पकड़ा नहीं था एक परसेप्शन मार्केट में क्रिएट कर दिया और वो बबुल की तरह worst हो गया मार्केट जब बहुत ज्यादा सोचने पर चलता है तो इंडिगो को अपने शेयर मार्केट में कहीं नुकसान ना दिख जाए इसलिए संभव है की उसने लोगों को एक उम्मीद बंधी
बाकी जो भी हो अगर 500 प्लेन आते हैं तो भाई हमारे लिए तो ये गुड न्यूज़ है की इंडिया तू रूल ग्लोबल स्काइप ऑलरेडी इंडिया तीसरी दुनिया की सबसे बड़ी ग्लोबल मार्केट बन रही है अब अगर ऐसी चीज होंगी तो हमारे लिए तो बहुत ही पॉजिटिव चीज है बनने वाली है
ठीक है ना तो आप इधर की तरफ ये खबर देख सकते हैं तुर्किश एयरलाइंस के बारे में मैं आपको बता दु 2016 से यहां के बिलाल एस की करके यहाँ के CEO है इस्तांबुल में इसका मुख्यालय है अब तुर्की को ही इंडिगो ने अपना पार्टनर क्यों चुना इसके पीछे ये भी एक बहुत बड़ा कारण है मैं वो भी आप लोगों को बताऊंगा लेकिन इससे पहले ये खबर स्टूडेंट्स को क्यों सुननी चाहिए उसका कारण जान लीजिए सिविल एविएशन जो है वो आपके Mains का UPSC Mains के अंदर GS पेपर 3 के अंदर इंडियन इकोनॉमी के अंदर कवर होने वाला टाइटल है यानी सिविल एविएशन सेक्टर को आप इंडियन इकोनॉमी जीएस पेपर 3 के लिए पढ़ते हैं इसलिए आपको ये जानकारी जो फिगर मैंने अभी आपको दिए की मार्केट का पोटेंशियल क्या है कितना परसेंट पासपोर्ट है भारत का भी मार्केट शेयर कितना है ये आपके आंसर राइटिंग को बहुत खूबसूरत बनाते हैं ठीक है
ऐसे ही एक सवाल पहले भी पूछा गया The Air India International was nationalised in the year, एयर इंडिया से रिलेटेड जो सवाल हैं आपके वो पहले भी पूछे जाते रहे हैं और जब एयर इंडिया का डिसइनवेस्टमेंट हुआ है यानी की वापस टाटा के पास चली गई है तो उसके बारे में भी भविष्य में सवाल आपसे पूछे जाएंगे
ऐसे ही सवाल अगर हम एक Double AAJ AO जूनियर एग्जीक्यूटिव का एग्जाम था जिसमें ये सवाल पूछा गया था की The Market Share पूछा था 2018 के अंदर की इंडिया में सबसे बड़ा मार्केट शेयर किसका है ,तो वो इंडिगो एयरलाइंस इसकी आज हम चर्चा कर रहे हैं मतलब आप जो चर्चा करते हैं वो करंट अफेयर्स के माध्यम से Questions का हिस्सा होती है इसलिए आप इन खबरों को यही ना समझ लें की हा केवल हमने दुनिया में क्या हुआ वो जान लिया आप उसको प्रमाण भी देख सकते हैं ठीक है
After Air India,Indigo order 500 new aircraft ये खबर है दुनिया में एयर इंडिया के अब तक सबसे बड़े ऑर्डर देखे जा रहे हैं अमेरिकन एयरलाइंस 460 ऑर्डर के साथ और इंडिगो ने 2019 में 300 ऑर्डर के साथ में अपना स्थान चौथे नंबर पर रखा हुआ है अब चूंकि 500 ऑर्डर्स की बात ए रही है तो दिमाग में सवाल बहुत सारे हैं क्योंकि भारत वर्ल्ड को कनेक्ट करने के लिए जा रहा है देश की सबसे बड़ी एयरलाइन जो है इंडिगो उसमें 500 विमानन का ऑर्डर दिया है ये खबर हाल ही में मार्केट में आई है अच्छा अब मैं आपको ना इसके पीछे की थोड़ी सी स्टोरी बता देता हूं इंडिगो के इस समय के सीईओ है इनका नाम है साथियों Pieter Elbers इन्होंने हाल ही में एक इंटरव्यू में ये बात कही थी की हम लोग इंडिया के मार्केट को तो पकड़ के रखे हुए हैं ही, साथ में हम इंडिया से यूरोप को भी कनेक्ट करने जा रहे हैं आज क्या होता है की यदि आपको इंडिया से यूरोप की फ्लाइट लेनी हो या अमेरिका की फ्लाइट लेनी हो तो भारतीय एयरलाइंस के पास वो कैपेसिटी नहीं है या फिर कहिए की इतनी नहीं है क्योंकि भारत के पास जो अभी कुल एयरक्राफ्ट है उनकी संख्या 700 है अधिकतम 700 एयरक्राफ्ट इस समय इंडियन कंपनी के पास है ऐसी स्थिति में यूरोप जाने के लिए जो फ्लाइट्स होती हैं वो विदेशी फ्लाइट्स USE की जाती है जैसे फ्लाइंग Amrates है या फिर US की फ्लाइट , उनको USE करके आज इंटरनेशनल फ्लाइंग की जाती है
तुर्किश एयरलाइन को पार्टनर क्यों बनाई इसके पीछे का बड़ा कारण है अगर आप मैप के अंदर तुर्की को देखें तो आप पाएंगे की तुर्की का बड़ा हिस्सा तो एशिया में है लेकिन एक छोटा सा हिस्सा यूरोप में भी है जिस प्रकार से रूस दोनों ही कॉन्टिनेंट्स में है एशिया में भी है और यूरोप में भी है ऐसे ही तुर्की एशिया में भी है और यूरोप में भी है ऐसी स्थिति में इंडिया को इससे पार्टनरशिप करने का जो बड़ा फायदा मिलता है वो ये है की तुर्किश एयरलाइंस के माध्यम से इंडिगो इस्तांबुल पहुंचेगी और इस्तांबुल से यूरोप के विभिन्न देश शहरों और देशों के अंदर एंट्री कर जाएगी ठीक है
तो ऐसी स्थिति में इंडिगो ने अपने आप को Expand करने के लिए तुर्किश एयरलाइंस का साथ लिया है
” India Now Third Largest Aviation Market in the world ” ऐसा प्रधानमंत्री ने 2022 के अनाउंसमेंट में कहा था की दुनिया में अमेरिका और चीन के बाद तीसरा एविएशन मार्केट इंडिया है और इंडिया में इंडिगो नंबर 1 पर है उसके बाद स्पाइसजेट आता है एयर इंडिया आता है फिर गो एयर एशिया और विस्तारा ये जो एयर एशिया विस्तारा जो है ये मतलब बहुत छोटे-छोटे ब्रांड हैं
अच्छा अब तो यहां पर जब इस न्यूज़ का विश्लेषण किया गया तो एक चीज निकल कर आई और वो क्या है ये विनय मल्होत्रा है जिन्हें आप इस समय यहां पर देख रहे हैं ये मतलब इंडिगो की तरफ से जो बातें कही जाती है उनकी तरफ से एक जैसे स्पोक पर्सन की तरफ से ,
इन्होंने अपने द्वारा जानकारी देते हुए ये कहा की हम लोगों ने जो तुर्किश एयरलाइंस के साथ में साझेदारी की है वो कोर्टशिप साझेदारी है अब ये एक बहुत इंटरेस्टिंग पॉइंट है की तुर्किश एयरलाइंस के साथ इंडिया ने कैसी पार्टनरशिप की है तो आंसर है कोड शिप साझेदारी तो ये सब कोड शिप साझेदारी क्या होती है
होता क्या है जब आप एयरक्राफ्ट में बैठते हैं तो आपको एक PNR नंबर दिया जाता है जैसे उदाहरण के लिए मतलब एक कोड नंबर से समझ लीजिए जैसे इंडिगो में अगर आप ट्रेवल करेंगे तो आपको शुरुआत में लिखा जाता है 6E और उसके आगे का एक नंबर होता है जो आपका यूनिक कोड होता है है ना
अच्छा ये जो दो नंबर का कोड है ये इंडिका की पहचान है कोर्टशिप पार्टनरशिप के अंदर इंडियन एयरलाइंस यानी की जो ये वो है यह तुर्किश एयरलाइंस के साथ इस कॉमन नंबर को शेयर करेगी
यानी फिलहाल के लिए इतना समझ लो की एक ही कंपनी समझा जाएगा एयर इंडिगो को और तुर्किश एयरलाइन को

थोड़ा सा इंडिगो के बारे में ब्रीफिंग जान लीजिए इंडिगो ने सबसे पहले 250 एयर बस के एयरक्राफ्ट 27 बिलियन के 2015 में ऑर्डर किए थे उसके बाद में इंडिगो ने Initial Public Offering 2015 में ही निकल दी थी यानी IPO ले आया था IPO से पैसा आया फिर 2019 में इंडिगो ने अपने द्वारा 300 एयर बस अपने एयरक्राफ्ट का अनाउंसमेंट कर दिया जो आज भी दुनिया की चौथी सबसे बड़ी डील मानी जाती है यानी 2015 के बाद 2019 में इसके द्वारा बड़ी मात्रा में ऑर्डर्स प्लेस किए गए हैं


